कब तक भीख माँगेंगे? कब तक लाठी खाएँगे?
वर्षों से झारखंड में एक ही कहानी दोहराई जाती रही है। युवा रोज़गार के लिए सड़कों पर उतरते हैं। Students paper leaks और exam irregularities के खिलाफ आवाज़ उठाते हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के लिए protests होते हैं, धरने होते हैं, नारे लगते हैं, आश्वासन मिलते हैं — फिर protest खत्म हो जाता है, लेकिन problem वहीं की वहीं रहती है। आखिर कब तक?
लोकतंत्र सिर्फ़ विरोध करने का नाम नहीं है। जनता सिर्फ़ सरकार से सवाल नहीं पूछती — जनता सरकार चुनती है। और अगर हमें सिस्टम बदलना है, तो उसे चलाने की ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी।
इसी सोच के साथ शुरुआत हो रही है — जोहार झारखंड पार्टी। यह कोई कुछ दिनों का आंदोलन नहीं है, यह झारखंड के लिए एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — 2029 के झारखंड विधानसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र तक संगठन खड़ा करना और चुनाव लड़ना। हमारी राजनीति जवाबदेही, पारदर्शिता, रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और झारखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए खड़ी होगी।
मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। न कोई political legacy है, न कोई बड़ा political backing। मैं एक आम नागरिक हूँ, एक corporate job करने वाला — बिल्कुल आप जैसे कई लोगों की तरह। लेकिन अब सिर्फ़ शिकायत करना पर्याप्त नहीं है। अगर system बदलना है, तो system की responsibility भी लेनी होगी। और यह किसी एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है।
यह पार्टी मेरी नहीं — हमारी है।